आयुर्वेद के सिद्धांत
जिस चीज का रंग गहरा होगा उसकी उतनी अच्छी क्वालिटी और थैरापयुट्रिक वैल्यू ज्यादा होगी। एग्जांपल सफेद जीरा और काला जीरा।
कालाजीरा पित्त को शांत करता है इसी तरीके से डी एक्शन का गैनोडर्मा और स्पिरुलिना गहरे रंग की होने के कारण बॉडी और उस के फंक्शन को बैलेंस करती है इसका कारण इन में पाए जाने वाले पोषक तत्व है।
गेनॉ चाय का पानी ही क्यों? क्योंकि हर घर में आर ओ लगे हैं इस वजह से हम लोग मरा हुआ पानी पी रहे हैं। गैनॉ टी ऐड करने से इसमें न्यूट्रिएंट्स ऐड हो जाते हैं यह हमें दिन भर सिप सिप करके पीनी चाहिए। इससे लार फॉर्मेशन रहेगी और तेजाब शांत रहेगा तथा रोगों से बचा जा सकेगा अगर शरीर में तेजाब शांत ना हो तो खून में एसिडिटी बढ़ जाएगी पेट की एसिडिटी के कारण रक्तचाप बढ़ जाएगा उससे हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज जैसे भयंकर रोग होने की संभावना रहती है। अतः कम से कम सुबह तीन गिलास गैनो चाय पीनी चाहिए क्योंकि इससे लार नीचे जाएगी और चाय का पानी बड़ी आत में जाएगा ऐसा होने से पेट में दबाव बढ़ेगा और पेट आसानी से साफ हो जाएगा। अति ठँडा पानी कभी भी नहीं पीना चाहिए ।।क्योंकि पेट में पाई जाने वाली गर्मी पहले पानी को गर्म करेगी जिसके लिए एनर्जी चाहिए जब सारा खून पेट में जाने लगेगा पानी को गर्म करने के लिए तो शरीर में दिक्कतें बढ़ जाएगी चाय का पानी वात नाशक है इसी तरह से प्रकृति के शुद्ध तेल भी वात नाशक है। अतः हमें गेनो कोकोनट वर्जिन ऑयल इस्तेमाल करना चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार सुबह 4:00 से 6:00 बजे तक हमारा कफ प्रबल होता है दिन भर पित्त बढ़ता है और रात को वायु।
कफ बचपन में अधिक बढ़ता है तभी तो बच्चों को साइनस सर्दी जुकाम आदि बचपन में हो जाते हैं जवानी में त्वचा रोग अपच रोग आदि होते हैं बुढ़ापे में जोड़ों में दर्द शरीर में अकड़ाहट इत्यादि वायु रोग होते हैं इसी तरह से वात काल ,पित्त काल ,कफ काल ।रात भर शरीर अकड़ेगा सुबह कफ बनेगा दिनभर गला सूखेगा वायु का काम है गति करना कफ का काम है चिकनाहट इसी वजह से सुबह पेट आराम से साफ हो जाता है जो व्यक्ति जल्दी उठते हैं। क्योंकि कफ के प्रबल होने का टाइम 4:00 से 6:00 है अन्यथा लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है ।इसलिए हमें रात को जल्दी सोना चाहिए और सुबह जल्दी उठना चाहिए।
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