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| फेस्टिवल और पोलुशन |
भारत त्योहारों का देश है | इन दिवाली क दिनों में खूब खरीदारी की जाती है,मिठाइयां ,कपडे, बर्तन ,और पटाखे | बाजारों में खूब रौनक होती है | लक्समी पूजा की जाती है | बच्चे खूब खुश होते हैं | शाम को पटाखे जलाये जाते है | बस दिक्कत यही से शुरू होती है | पटाखों का धुँआ बच्चो के फेफड़े के माध्यम से शरीर में चला जाता है | पटाखों का कूड़ा तो सरकारी गाड़ी अगले दिन उठा ले जाएगी | पर जो गंद फेफड़ो में चला गया उसको कोण ले जाएगा ये हम सोचते ही नहीं | इससे गंभीर बिमारियाँ हो जाएंगी भविष्य में | इसके लिए हमें गैनोडर्मा का सहारा लेना चाहिए |
त्योहारों के दौरान ६ जोड़े आरजी और जीएल खाने चाहिए ताकि शरीर से गंदगी साफ़ हो सके | गांनो छाए को भी बढ़ा कर पीना चाहिए गैनोडर्मा में शरीर कैसे काम करता

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